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ग्रामीण विकास ट्रस्ट द्वारा जल जीवन मिशन पर केआरसी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

नई दिल्ली।  ग्रामीण विकास ट्रस्ट द्वारा भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के केआरसी कार्यक्रम के तहत जल जीवन मिशन पर होटल ग्रीन लीफ, (पेलिंग) जिला ग्यालशिंग में दो बैचो में आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। पहला प्रशिक्षण बैच 9 से 12 फरवरी 2022 तक और दूसरा बैच 14 से 17 फरवरी,2022 तक आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 138 प्रतिभागी (पहले बैच में 61 प्रतिभागी और दूसरे बैच में 77 प्रतिभागी) शामिल हुए।

प्रतिभागियों में एसआईआरडी और आरएमडीडी (ग्रामीण प्रबंधन और विकास विभाग), बीएसी / जीपी के जूनियर इंजीनियर, जीपी से बेयरफुट इंजीनियर और ग्राम पंचायत / वीडब्ल्यूएससी सदस्य शामिल थे। पहले बैच का उद्घाटन निदेशक जेजेएम सिक्किम के श्री विशाल मुखिया ने किया और दूसरे बैच के प्रशिक्षण का उद्घाटन श्री ए.रोहन रमेश-आईएएस ने किया।ग्यालशिंग के अतिरिक्त आयुक्त श्री सूरत शर्मा ने प्रतिभागियों के मुख्य भाषण दिया। ग्यालशिंग के बीडीओ श्री मुकेश दहल और संयुक्त निदेशक एसआईआरडी सिक्किम की श्रीमती यांगचेन लेेप्चा ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया और कहा कि ” वास्तव में प्रेरणादायक, हमारे जेई श्री सचिन थटल को इस पहल के लिये बधाई और प्रभावी प्रशिक्षण के लिए पूरी जीवीटी टीम को बधाई“।

इस अवसर पर श्री इमुनल रॉय जिला अभियंता,ग्यालशिंग भी उपस्थित थे। श्री राजीव कुमार (जीवीटी से पाठयक्रम समन्वयक) ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और उन्हें इस प्रशिक्षण  से अधिक से अधिक सीखने के लिए प्रेरित किया। पृष्ठभूमि से जुड़ी जीवीटी टीम ने पूर्व- प्रशिक्षण अभ्यास के साथ-साथ प्रारंभिक कार्रचाई शुरू की। प्रशिक्षण के दौरान व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने के लिए 7 फरवरी को पूर्व दौरा किया गया जहां  3 टीमों ने मौजूदा जलापूर्ति योजनाओं के बारे में जानने के लिए 3 ग्राम पंचायत संघों के 8 गांवों का दौरा किया और प्रशिक्षण के दौरान क्षेत्रीय अध्ययन करने के लिए प्रतिभागियों के लिये बैठकें आयोजित की गईं। क्षैत्रीय अध्ययन दारप और नंबू गांव में दारप जीपीयू, सिंगयांग,चुम्बोंग और चुम्बेांग जीपीयू में नाकू गांव और भालुथांग जीपीयू में भालुथांग और ओमगुलप गांव में किया गया।

जीवीटी ने जल जीवन मिशन के विभिन्न पहलुओं पर इंजीनियरों और समुदाय के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित किया है, जिसमें प्रत्येक घर और संस्थाएं जैसे कि स्कूलों, आंगनवाड़ी केन्द्रों, स्वास्थ्य केन्द्रों, ग्राम पंचायत कार्यालयों और अन्य ग्राम स्तर के संस्थानों को कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्षन (एफएचटीसी) प्रदान करना और निर्धारित गुणवत्ता (बीआईएस 10500:2012) का 55 एलपीसीडी पेयजल नियमित आधार पर एक स्थायी स्त्रोत के साथ लंबी अवधि के लिए सस्ती दर पर सेवा उपलब्ध कराना शामिल है।  प्रशिक्षण के दौरान जल जीवन मिशन के तहत संकल्पना, उद्देश्यों, घटकों, जल आपूर्ति के विभिन्न तरीकों (स्वतंत्रता पूर्व और बाद) के साथ-साथ जल सुरक्षा, जल गुणवत्ता निगरानी, जल संचयन, योजना डिजाइन, ग्राम पंचायत, वीडब्ल्यूएससी और डिजिटल शासन की भूमिका जैसे विषयों पर पूरी तरह से मंथन किया गया। संचालन और रखरखाव सहित ग्राम जलापुर्ति / सुरक्षा कार्रवाई रणनीति पर भी चर्चा की गई।  श्री शिव शंकर सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (जीवीटी) ने कहा, ”मैं इस तरह की क्रियाशील भागीदारी के साथ केआरसी प्रशिक्षण की सफलता से अभिभूत हूँ। हम सभी हर घर जल“ संकल्पन को प्राप्त करने के सर्वोत्तम प्रयासों के साथ जल जीवन मिशन में योगदान देंगे।

प्रतिभागियों ने स्वयं जाकर जल स्रोतों और आसपास की आपूर्ति पाईप लाइन का स्वच्छता सर्वेक्षण किया। हर घर जल संकल्पना की स्थिति, घूसर जल प्रबंधन और लोगों के स्वास्थ्य पर पानी की गुणवत्ता के प्रभाव को देखने के लिये गांव-गांव जाकर अध्ययन किया गया।  फील्ड टेस्ट कीट (एफटीके) के प्रदर्शन के साथ विभिन्न जल गुणवत्ता संकेतकों पर चर्चा और परीक्षण किया गया और प्रशिक्षण के अंतिम दिन परिणाम पर चर्चा की गई। प्रशिक्षण एक सहभागी दृष्टिकोण के साथ सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

प्रतिभागियों को प्रेरित करने के लिए पानी पर सफलता की कहानी,स्वच्छता और विकास क्षेत्र पर वीडियो दिखाए गए।  श्रीमती तृप्ति खन्ना, (राश्ट्रीय कार्यक्रम प्रमुख-जीवीटी) ने साझा किया,”जीवीटी निश्चित रूप से जल जीवन मिशन क्षेत्र में समुदाय को मजबूत करने और बेहतर सेवाओं की बहाली के लिए जमीनी स्तर पर सीखने और रास्ते तलाशने के लिए तत्पर रहेगा।“  मुख्य निष्कर्ष यह थे कि जीपी सदस्यों / वीडब्ल्यूएससी, सदस्यों / एसएचजी / उपयोगकर्ता समूहों को जल जीवन मिशन के तहत प्रशिक्षण और समुदाय की भागीदारी बढ़ाने के लिए विभिन्न उपायों, समुदाय के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए बड़े पैमाने पर आईईसी अभियान शुरू करना आवश्यक था, वे 5 प्रतिशत योगदान देने के लिए तैयार हो गए और उपयोगकर्ता शुल्क / जल शुल्क  प्रदान किए जाने के बाद, उन्हें प्रशिक्षण और आईईसी के माध्यम से जल जीवन मिशन के बारे में पता चला और विभिन्न हितधारकों की क्षमता निर्माण में तेजी लाई गई। प्रशिक्षण का समापन एसडीएम, श्री गोपाल के छैत्री की उपस्थिति में हुआ।

प्रतिभागियों से समग्र प्रशिक्षण गुणवत्ता का फीडबैक भी लिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन केआरसी एल-3 ग्रामीण विकास ट्रस्ट, बरमीओक लोअर, ग्यालशिंग, पश्चिम सिक्किम तथा सिक्किम के पाठयक्रम समन्वयकए श्री राजीव कुमार के समापन भाषण के साथ हुआ। प्रतिभागियों को सामूहिक फोटो के साथ प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए और उन्होंने यह भी कहा कि दिया गया प्रशिक्षण बहुत महत्वपूर्ण है और प्रतिभागियों को जल जीवन मिशन की स्थिरता के लिए प्रशिक्षण के दौरान अर्जित कौशल का इस्तेमाल करना चाहिए।

Aanand Dubey

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